Health checkups: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। जिन कामों को हम आसानी से कर लेते थे, वही काम धीरे-धीरे मुश्किल लगने लगते हैं। इस दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी कमजोर होने लगती है और हार्मोनल बैलेंस व मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ता है। ऐसे में डॉक्टर सलाह देते हैं कि 50 साल की उम्र के बाद कुछ ज़रूरी मेडिकल टेस्ट नियमित रूप से जरूर कराने चाहिए, ताकि गंभीर बीमारियों का पता समय रहते चल सके।
अक्सर लोग सोचते हैं कि जब तक शरीर ठीक है, तब तक किसी टेस्ट की ज़रूरत नहीं है। लेकिन सच यह है कि कई बीमारियां बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती रहती हैं और जब तक उनका पता चलता है तब तक इलाज कठिन हो जाता है। ऐसे में हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो जाते हैं। आइए जानते हैं वे कौन से टेस्ट हैं जिन्हें 50 की उम्र के बाद कराना चाहिए।
ब्लड प्रेशर टेस्ट
ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी खास लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। हाई बीपी की वजह से दिल की बीमारियां, स्ट्रोक और किडनी की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। 50 साल की उम्र के बाद हर 2-3 महीने में ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए।
ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज अब केवल बड़ी उम्र में ही नहीं बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन 50 की उम्र के बाद शुगर का खतरा कई गुना ज्यादा हो जाता है। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से आंखों, किडनी, हार्ट और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए इस उम्र के बाद शुगर टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
बढ़ती उम्र के साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ने लगता है। हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक और कार्डियोवस्कुलर डिजीज़ का बड़ा कारण है। साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा समय रहते पहचाना जा सकता है।
प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटिजन (PSA) टेस्ट
पुरुषों में 50 की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। PSA टेस्ट की मदद से इस बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है।
लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट
लिवर और किडनी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इनके काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। इसलिए नियमित रूप से लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी है।
50 की उम्र के बाद इन मेडिकल टेस्ट्स को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय-समय पर चेकअप कराने से न केवल बीमारियों का शुरुआती चरण में पता चल जाता है बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव भी किया जा सकता है। याद रखें – “प्रिवेंशन इज़ बेटर दैन क्योर”।
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