Kidney Damage Symptoms: किडनी हमारे शरीर का बेहद अहम अंग है, जो खून को साफ करने, अतिरिक्त पानी और वेस्ट निकालने, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करती है। लेकिन जब किडनी सही तरह से काम करना बंद कर देती है, तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है। अक्सर लोग इन्हें मांसपेशियों या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये किडनी डैमेज (Kidney Damage) का शुरुआती अलार्म हो सकता है।
किडनी खराब होने पर कहाँ-कहाँ होता है दर्द?
कमर (Flank Area)
लक्षण: रिब्स और हिप्स के बीच सुस्त या तेज़ चुभने वाला दर्द, जो पोज़िशन बदलने से ठीक नहीं होता।
कारण: किडनी में सूजन, इंफेक्शन या स्टोन की वजह से।
पेट
लक्षण: निचले पेट में ऐंठन, अचानक तेज़ दर्द और मतली।
कारण: किडनी स्टोन, इंफेक्शन या यूरिन रिटेंशन के कारण।
ग्रोइन और पेल्विक एरिया
लक्षण: चुभने वाला या लगातार हल्का दर्द, पेशाब के दौरान जलन या अचानक पेशाब की इच्छा।
कारण: स्टोन या ब्लॉकेज यूरिटर से गुजरने पर।
पैर और पांव
लक्षण: जांघ में ऐंठन, टखनों व पांव में सूजन, जलन या झुनझुनी।
कारण: किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और वेस्ट नहीं निकाल पाती, जिससे सूजन (Edema) और न्यूरोपैथी हो सकती है।
छाती और रिब एरिया
लक्षण: सीने या पसलियों के पास दर्द।
कारण: गंभीर किडनी डैमेज और फ्लूड रिटेंशन के कारण।
किन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़
बार-बार या कम पेशाब आना
पेशाब में खून या झाग
लगातार थकान और कमजोरी
चेहरे और पैरों में सूजन
ब्लड प्रेशर का बढ़ना
किडनी से जुड़ी समस्याओं को अक्सर लोग मांसपेशियों का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर कमर, पेट, ग्रोइन, पैर या छाती में लगातार दर्द हो और साथ ही पेशाब में बदलाव, सूजन या थकान जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। शुरुआती पहचान से किडनी फेल्योर और डायलिसिस जैसी गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से चिकित्सीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए हमेशा अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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